Kedarnath Hidden Places : अगर आप भी दोस्तों केदारनाथ धाम की यात्रा पर आरहे हो तोह तो इन 5 जगह जाना ना भूले केदारनाथ धाम की यात्रा हर श्रद्धालु के लिए एक पवित्र और भावना मत अनुभव होता है यह यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक स्थलों से भरपूर रहती है यदि आप किसी यात्रा पर जा रहे हो तो रास्ते में कुछ ऐसी शानदार दर्शन स्थल पढ़ते हैं जो आपको जरूर देखते हैं जो आपकी यात्रा को और विकास बन सकता है इस लेख में हम आपको बताएंगे केदारनाथ मार्ग पर पांच बेहतरीन दर्शन स्थल की जानकारी जो आपकी यात्रा में चार चांद लगा देंगे भूलकर में पांच जगह पर जनन भूले
Kedarnath Hidden Places : ऋषिकेश से केदारनाथ के बीच में की कुछ खास जगह
जैसे ही आप अपनी यात्रा शुरू करते हैं तो पहला पड़ाव पड़ता है ऋषिकेश ऋषिकेश में आपको शाम की आरती जरूर देखनी है उसके बाद जो दूसरा पड़ाव पड़ता है वह पड़ता है देवप्रयाग देवप्रयाग में संगम को देखने के बाद उसके बाद आप धीरे-धीरे आगे पहुंचते हैं कल्यासौड़ में धारी देवी जी का मंदिर है जो चार धाम की रक्षक देवी मणि जाती हे जिसमें आपको सुबह के समय जाओगे तो आपको जो मूर्ति की प्रतिमा होगी वह अलग दिखाई देगी दिन में अलग दिखाई देगी और शाम को अलग दिखाई देगी उसके बाद आपका अगला पड़ाव पड़ता है रुद्रप्रयाग रुद्रप्रयाग में आपको एक और संगम देखने को मिलता है जो की संगम है अलकनंदा मंदाकिनी का संगम है
- ऋषिकेश
- देवप्रयाग संगम
- धारी देवी मंदिर
- रुद्रप्रयाग संगम

कौन सी है वह पांच जगह खास और क्यों है वह जगह खास
तुंगनाथ मंदिर – यह दुनिया का सबसे ऊंचा शिवि मंदिर है
तुंगनाथ मंदिर दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर है जो की समुद्र तल से लगभग 12000 की फीट की ऊंचाई पर है माना जाता है कि शिवजी की तपस्या यहीं पर हुई थी
यहां की खास बातें
- यहाँ पांडवों से जुड़ा इतिहास है- यह मंदिर महाभारत काल से जुड़ा हुआ है
- यहां पहुंचने के लिए आपको 4 किलोमीटर की ट्रैकिंग करनी पड़ती है जो कि आप घोड़े खच्चर सभी कर सकते हैं वास्तव के अनुसार आपको यह यात्रा पैदल ही करनी चाहिए
- चंद्रशिला छोटी यहां पर एक चंद्रशेखर छोटी नाम की एक जगह है यहां से हिमाचल की छुट्टियों का दृश्य भी देखा जा सकता है जैसे कार्तिक स्वामी

चोपता– यानी मिनी स्विट्ज़रलैंड चोपटा रुद्रप्रयाग जिले में पड़ता है केदारनाथ पर स्थित चोपता एक अनोखा पर्यटक स्थल है जिसे की मिनी स्विट्ज़रलैंड के नाम कहा जाता है क्योंकि यह स्विट्जरलैंड से काम भी नहीं है दिसंबर जनवरी के मैं यहां की बर्फ स्विट्जरलैंड से भी ज्यादा खूबसूरत दिखती है
यहां की खास बातें
- ट्रैकिंग और कैंपिंग का आनंद
- बर्फीली पहाड़ियों
- पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग जैसी जगह
- सुकून का दूसरा नाम

कार्तिक स्वामी मंदिर -जो रुद्रप्रयाग जिले के कनक छोरी गांव के पास है लगभग 3050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है भगवान शिव और पार्वती के पुत्र कार्तिक को समर्पित यह मंदिर अपनी मनोरम दृश्य पौराणिक कथाओं से जुड़े महत्व और आधुनिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है
यहां की खास बातें
- शुद्ध और ठंडा पानी
- शांति और सुकून
- ट्रैकिंग का मजा
त्रियुगीनारायण मंदिर – माना जाता है भगवान शिव और पार्वती का विवाह इसी स्थल में हुआ था
यहां की खास बातें
- त्रियुगीनारायण मंदिर वह स्थान है जहां पर शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था
- यह स्थान भक्तों के लिए विशेष महत्व रखती है
- इस मंदिर में एक सतत अग्नि जलती रहती है.
- माना जाता है कि यह ज्वाला दिव्य विवाह के समय से जल रही है.

मां धारी देवी मंदिर -एक पवित्र स्थान और दंतकथा मां धारी देवी का मंदिर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर नगर के पास स्थित है जो अलकनंदा नदी के किनारे पर स्थित है यह मंदिर देवी काली को समर्पित है और क्षेत्रीय भक्तों के लिए अंतिम पूजनीय है धारी देवी का मंदिर अर्चना और यहाँ यहां के स्थानीय निवासियों के लिए एक दिव्य अनुभव है और इस मंदिर से जुड़ी हुई पौराणिक कथाएं इस स्थान को और रहस्यमन महत्वपूर्ण बना देती है
यहां की खास बातें
- मां धारी देवी चार धामों की रक्षक है
- मां धारी देवी के तीन रूप बदलते हैं सुबह कुछ दिन में कुछ और शाम को कुछ

केदारनाथ यात्रा से जुड़े सवाल जवाब
क्या यह सभी स्थल केदारनाथ के रास्ते में ही आते हैं
हां हां
इन दर्शनीय स्थलों पर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है
जून सितंबर अक्टूबर